साहित्य में महिला सशक्तिकरण: दशा और दिशा

Authors

  • डॉ निरुपम शर्मा Author

Keywords:

महिला सशक्तिकरण, हिंदी साहित्य, नारी विमर्श, स्त्री चेतना, सामाजिक परिवर्तन

Abstract

महिला सशक्तिकरण समकालीन समाज की एक केंद्रीय अवधारणा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक स्तर पर समान अधिकार, अवसर और स्वतंत्रता प्रदान करना है। भारतीय संदर्भ में, यह अवधारणा विशेष महत्व रखती है क्योंकि यहाँ सदियों से पितृसत्तात्मक व्यवस्था ने महिलाओं की भूमिका को सीमित किया है। हिंदी साहित्य ने इस असमानता को उजागर करने, स्त्री की पीड़ा को स्वर देने तथा उसके सशक्त रूप को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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Published

25.07.2018

How to Cite

साहित्य में महिला सशक्तिकरण: दशा और दिशा. (2018). International Journal of Open Publication and Exploration, ISSN: 3006-2853, 6(2), 65-68. https://ijope.com/index.php/home/article/view/215

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